मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कक्षा 12 बोर्डों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों को व्यावसायिक विषयों के साथ ९० प्रतिशत और उससे अधिक स्कोर करने वाले छात्रों को सम्मानित किया।

शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया कहा है कि, वोकेशनल कोर्स के प्रति समाज का नजरिया बदलना जरूरी है। यह कोर्स उत्कृष्ट रोजगार और व्यापार के अवसर प्रोवाइड कराते है और अभी भी इस कोर्स को उस नजरिया से नहीं देखा जाता है यह सभी कोर्स कि काफी मान्यता है। आपको अपनी उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए ।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की, इन पाठ्यक्रमों को दिल्ली कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय में डिग्री के साथ जोड़ा जाएगा। “एक बार स्कूलों में व्यावसायिक विषयों विश्वविद्यालय की डिग्री के लिए रास्ता खोला तो इन विषयों के महत्व में काफी वृद्धि होगी । उन्होंने कहा,इस बदलाव से छात्रों को काफी फायदा होगा।

दिल्ली सचिवालय में अभिनंदन हुआ जिसमें कालकाजी की विधायक आतिशी, कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निहारिका वोहरा और उपनिदेशक (वोकेशनल) डॉ प्रमोद कटियार भी मौजूद थे।

इसी बिच एक मीटिंग हुई जिसमे  छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए और व्यावसायिक अध्ययन पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की , जैसे आगे रह में इसका क्या भविष्य है जैसे  रोजगारपरकता, कौशल विकास। 

डिप्टी सीएम ने कहा है कि  आने वाले वर्षों में स्किल्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी के साथ हमें दिल्ली में ऐसा माहौल बनाने की उम्मीद है, जहाँ वोकेशनल कोर्स को और अध्ययनों को अध्ययन के माध्यमिक क्षेत्र के रूप में नहीं माना जाता है,

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य वोकेशनल पाठ्यक्रमों को व्यावहारिक, सम्मानजनक और रोजगारोन्मुखी बनाना है।”सभी छात्रों, शिक्षकों और माता पिता के सुझाव हमें पाठ्यक्रम हम विश्वविद्यालय में पेशकश कर सकते है डिजाइन में मदद करने में बहुत उपयोगी होगा.”

एसकेवी की छात्रा एकता शर्मा ने अपनी कक्षा 12 बोर्ड में 97 प्रतिशत अंक अर्जित कर ब्यूटी एंड वेलनेस और टेक्सटाइल डिजाइन की पढ़ाई करते हुए कहा, जब मैं वोकेशनल सब्जेक्ट्स लेती थी तो हर कोई मेरा मजाक उड़ाया करती थी।अब ये वही लोग मुझे मेरे ग्रेड पर बधाई दे रहे हैं और उप मुख्यमंत्री से निमंत्रण प्राप्त कर रहे है ।

एसकेवी जनकपुरी से पास आउट हुई छात्रा कवलजीत कौर ने अपनी कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में 93.2 प्रतिशत अंक हासिल किए।वह बैंकिंग, और वित्तकि पढाई से आगे बढ़ना चाहती है। उनके  पिता एक ड्राइवर है जो परिवार के एकमात्र इंसान है जिससे उनका घर चल रहा है या फिर यह कहे कि  एकमात्र काम करने वाले इंसान है, और उसकी मां एक गृहिणी है। कवलजीत कौर ने कहा कि, अपनी ग्रेजुएशन के बाद  मैं बैंकिंग में डिप्लोमा करना चाहता हूं क्योंकि बैंक में काम करना मेरा एक सपना है ।

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